Lord Shiva Aarti

07 Nov
2017

भगवान शिव आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

Lord Shiva Aarti

Jai Shiva Onkara, Swami Jai Shiva, Onkar.
Brahma, Vishnu, Sadashiva, half-way stream

Jai Shiva Onkar

Ekanan Chaturanan Pichchanan Raje
Hansans Garudasan Vrishvahan Adorned

Jai Shiva Onkar

Two bhuj four quadrilaterals
Tribhuvan Jan Mohi, observing the triple form.

Jai Shiva Onkar

Akshatma Vanamara Mundam Dhari
Tripurari Kansari Kar Mala Dhari.

Jai Shiva Onkar

Svetambar Pitambar Baghambar Anga
Scorpio gerontic geothermal horn

Jai Shiva Onkar

Kandalu Chakra Trishuldhari in the middle of the tax
Suitable Suffering Jagpaalan Kari.

Jai Shiva Onkar

Brahma Vishnu Sadashiva Janat Avivka
Madhu-Katbhoo, do not fear

Jai Shiva Onkar

Brahmaani Rudrani You Kamala Rani
The three of these three are perfect

Jai Shiva Onkar

Lakshmi and Savitri Parvati Sanga
Parvati Ardhangi, Shivalhi Ganga

Jai Shiva Onkar

Mount Sohain Parvati, Shankar Kailasa
Bhang Dhatoor’s food, Vasa in Bhasme.

Jai Shiva Onkar

Ganga is roasted in the jata, Gala Mudan Mala.
The rest of the snake wrapping, wrapping the antelope

Jai Shiva Onkar

Virje Vishwanath, Nandi Brahmachari in Kashi.
Standing up to be seen, glory is very heavy.

Jai Shiva Onkar

Thirurgeshwam ji’s aarti, which no one can sing.
Sayant Shivanand Swami, Manavchitacha fruit

Jai Shiva Onkar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Comment moderation is enabled. Your comment may take some time to appear.

Powered By Indic IME